जब किसी कारण वास् एक माँ अपने बेटे का घर छोर कही दूर चली जाती है । और 2 साल बीत गए ,आज उसके बेटे की जिंदगी में सब गलत हो रहा है । तब उसे अपनी माँ की याद आ रही है और उसे अपनी गलती पर पछतावा हो रहा है । तब उसके दिल से आवाज आ रहे है। उसे मै आपके सामने रखने जा रहा हु ।

तेरी चाहतेा में कितना तडपे है ।
सावन भी तुम बिन कितने बरसे है ।
जहा भी जाऊ
तुझे ही पाउ,
तेरे बिना मै जी न पाउँगा
रोते रोते यु मर जाऊंगा ,
खुद में ही मै कही खो जाऊंगा ,
तेरे लिए ही सिर्फ मै गाऊंगा ,
तेरे बिना अब न रह पाऊँगा ,
हां माँ,
तुहि तो है मेरी सांसो की आस में
जिंदगी भर मै रहु तेरे ही पास में
मालूम न मै खुद में ही खो गया
जिन्दा होते हुए भी मौत के बहो में सो गया
तेरे बिना जीना
जहर का घुट पीना
बस यही पाउ
तेरे खाबो में आजाऊ
तुहि तो मेरी माँ है
तेरी बहो में सारा जहॉ है
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AUTHOR-AMRIT KUMAR FROM MAIRWA






