पांच साल पहले

बिजली आओ न
हमे ठंडक दिलाओ न
दो दिन हो गए तुम्हे देखे बिना
बहुत मुश्किल है तुम्हारे बिना जीना
बच्चे अब पढ़ाई से आस खो रहे है
आमिर भी बैठ अब रो रहे है
किसान बिना पानी बीज बो रहे है
लोगो की शिकायत नेता भी बैठ पसीना पोछ रहे है
इस समय

बिजली अब आती है
हमें ठंडक दिलाती है
हमारे संग बहुत समय तुम बिताती हो
सबका आशिर्बाद तुम पाति हो
बच्चे अच्छे अंक से अब पास हो रहे है
गरीब भी चैन से सो रहे है
किसान अच्छे बीज बो रहे है
नेता भी इसी के गीत गा रहे है
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AUTHOR-AMRIT KUMAR FROM MAIRWA