प्रलय का संकेत

बढ़ता तापमान प्रलय का संकेत है,

भगवान से मिला प्रकृति एक  भेट है 

हे मनुष्य बहुत सतालिया इस प्रकृती को 

अब ये बिगाड़ेगी तुम्हारे आकृती को 

 प्रकृति की महत्व को तुमने न जाना है  

 भगवान का काम तुम्हे ये सीखना है 

जिसने तुम्हे जन्म दिया उसी को तुमने तड़पाया है

 प्रकृति का यह कर्ज तुमने नहीं चुकया है 

अभी भी समय है

 उनपर हो रहे अत्याचार को तुम मिटाओ 

उन कर्जो को अभी चुकाओ 

एक कवी होते हुए ये मेरा फर्ज है की अपने  प्रकृति के लिए लोगो में उमंग जगाउ। आशा करता हु की मेरी कविता आपके दिल में लगी होगी। 


email-aa0215175@gmail.com AUTHOR-AMRIT KUMAR FROM MAIRWA

Published by Ak Tech and education

AMRIT KUMAR

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